महेन्द्र अग्रवाल फर्जी पत्रकार, आदिवासियों पर कर रहा अन्याय, अत्याचार
आदिवासी विकासखंड में आदिवासी पंचायत प्रतिनिधियों को कर प्रताड़ित
जूते से आदिवासी को मारने वाला फर्जी पत्रकार महेन्द्र अग्रवाल पर दर्ज हुआ मामला
181 सीएम हेल्पलॉइन व आरटीआई को फर्जी पत्रकारों ने बनाया कमाई का जरिया
सिवनी। गोंडवाना समय।
आदिवासी विकासखंड लखनादौन में कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में फर्जी पत्रकार बनकर गैंग बनाकर लूटपाट मचाने का कार्य खुलेआम कर रहे है। इन्हें सह व संरक्षण देने का काम भी विभागों के कुछ अधिकारी कर्मचारी और नेता भी कर रहे है।
फर्जी पत्रकारों को सम्मान देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों और नेताओं के कारण इनके हौंसले बुलंद है। इसी का फायदा उठाकर फर्जी पत्रकार आदिवासी विकासखंड लखनादौन क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिवों को एवं शासकीय सेवक एवं शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान करने के साथ साथ उन पर अन्याय, अत्याचार कर रहे है।
यहां तक कि ऐसे फर्जी पत्रकारों की प्रताड़ना से से एक शिक्षक की हृदयघात से मृत्यू भी हो गई है। उनके परिवारजनों ने फर्जी पत्रकारों की गैंग पर कार्यवाही करने के लिये पुलिस थाना में शिकायत भी किया है। इसी तरह ट्राईबल वेलफेयर सोसायटी एवं ओल्ड पेंशन मूवमेंट के द्वारा भी फर्जी पत्रकारो के खिलाफ कार्यवाही करने के लिये स्थानीय, जिला सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
कुकुरमुत्ता की तरह फर्जी पत्रकार से भी शिकायतकर्ता ने नवाजा
आदिवासी विकासखंड लखनादौन में सीएम हेल्पलॉईन, सूचना के अधिकार के तहत शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों व ग्राम पंचायतों में आदिवासी सरपंचों को परेशान करने के मामले में जिनकी शिकायत की गई है उसमें महेन्द्र अग्रवाल, नेहा नंदौरे, अजय स्थापक, सौरभ नागौत्रा, नीरज डेहरिया, महेन्द्र डेहरिया की शिकायत की गई है। फर्जी व झूठी शिकायत करने के मामले में कुकुरमुत्ता की तरह फर्जी पत्रकार से भी शिकायतकर्ता ने नवाजा है।
181 बंद कराने रूपयों की करते है मांग
सी.एम. हेल्पलाइन 181 के माध्यम से फर्जी शिकायत एवं आरटी आई. के माध्यम से शासकीय सेवकों एवं शिक्षकों को मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित करते है जिससे शासकीय सेवक एवं शिक्षकों को मानसिक रूप से तनाव में रहते हुये प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। शासकीय सेवकों एवं शिक्षकों की झूठी शिकायत करते है और शिकायत संतुष्टीपूर्वक बंद कराये जाने या वापस लेने हेतु संपर्क किये जाने पर इनके द्वारा सीधे रूपयों की मांग की जाती है। इनकी झूठी शिकायतों पर शासकीय सेवकों की कही सुनवाई नहीं होती है।
सरपंच संघ की बैठक में भी महेन्द्र अग्रवाल की करतूत का उठ चुका है मुद्दा
महेन्द्र अग्रवाल की कुटाई व पिटाई एक बार महिला आदिवासी सरपंच व उनके परिजनों के द्वारा बीच बाजार में किया गया था। चप्पल से पिटते हुये अलग ही वीडियों में महेन्द्र अग्रवाल नजर आ रहा है। ग्राम पंचायतों में आदिवासी सरपंचों को सर्वाधिक महेन्द्र अग्रवाल को टारगेट कर प्रताड़ित किया जाता है। ग्राम पंचायत की निधानी की महिला सरपंच को भी महेन्द्र अग्रवाल के द्वारा 181 सी एम हेल्पलॉइन के नाम पर प्रताड़ित किया गया था। जिसकी शिकायत महिला सरपंच ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी किया था। सरपंच संघ की बैठक में भी महेन्द्र अग्रवाल की करतूतों का मुद्दा उठ चुका है। फर्जी सी एम हेल्पलॉइन 181 में शिकायत करने के बाद कटवाने के लिये रूपये की मांग महेन्द्र अग्रवाल करता है।
आदिवासी को जूते से मारपीटकर अपमानित करने का भी कृत्य महेन्द्र अग्रवाल ने किया था
बीते दिनों आदिवासी समाज के एक व्यक्ति को महेन्द्र अग्रवाल के द्वारा जूते से मारपीट की गई है। आदिवासी विकासखंड लखनादौन के धूमा पुलिस थाना क्षेत्र जो कि आदिवासी बाहुल्य इलाका है वहां पर आदिवासियों के साथ खुलेआम जूते से मारपीटकर अपमानित करना, अत्याधिक अत्याचार व अन्याय है। महेन्द्र अग्रवाल आदिवासियों को विशेषकर टारगेट करके उनका आर्थिक शोषण तो कर ही रहा है साथ में उन पर अन्याय, अत्याचार भी कर रहा है।
कुछ भी करों शिकायत बंद कराओं के निर्देशों से बढ़ रहे हौंसले
सी एम हेल्पलॉइन में लगी शिकायतों को बंद कराने के लिये बैठकों व मीटिंगों में उच्चाधिकारी जिस तरह से निर्देश दे रहे है, उससे फर्जी शिकायत करने वालों के हौंसले बुलंद हो रहे है और उनका कमाई व धंधा जोरो पर चल रहा है। कुछ भी करों शिकायत बंद कराओ इस तरह के निर्देश कई बार मीटिंगों में अधिकारी अपने कनिष्ठ अधिकारियों को देते नजर आते है। कनिष्ठ कर्मचारी व संबंधित व्यक्ति निराधार होने के बाद भी शिकायतकर्ता के हाथ पैर जोड़ता नजर आता है यहां तक शिकायत बंद कराने के लिये चढ़ौत्तरी भी चढ़ाने के लिये मजबूर होता है।