नाबालिग के साथ दुष्कर्म कर बेचा, खरीदने वाले ने किया जबरन शारीरिक शोषण, पुलिस की असंवेदनशीलता हुई उजागर
अब एसडीओपी पुष्पराजगढ़ से पीड़िता के परिजनों ने लगाई कानूनी कार्यवाही की गुहार
अनुपपुर/पुष्पराजगढ़। गोंडवाना समय।
अनुपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ एसडीओपी कार्यालय के अंतर्गत पुलिस थाना करण पठार की बेटियों के साथ होने वाले अन्याय-अत्याचार-शोषण के मामले में असंवेदनशील बरतते हुये परिजनों की शिकायत पर कार्यवाही नहीं किये जाने का मामला सामने आया है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा पुलिस अधिकारियों की मीटिंग में बार-बार बेटियों व महिलाओं के मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करने की बातों को दरकिनार करने में भी पुलिस थाना करन पठार ने कोई कसर नहीं छोड़ा है। अब पीड़िता बेटी के परिजनों ने एसडीओपी पुष्पराजगढ़ से न्याय की उम्मीद लगाते हुये कानूनी कार्यवाही किये जाने की गुहार लगाई है।
नमक खरीदने गई थी, झूठ बोलकर जंगल ले जाकर किया दुष्कर्म
पुष्पराजगढ़ एसडीओपी अंतर्गत आने वाले पुलिस थाना करन पठार क्षेत्र के एक ग्राम के नाबालिग पीड़िता के माता-पिता दया सिंह द्वारा एसडीओपी पुष्पराजगढ़ को शिकायती पत्र सौंपते हुये कानूनी कार्यवाही की मांग की गई है। पीड़िता के परिजनों ने सौंपे गये शिकायती पत्र में बताया कि उनकी बेटी 1 जुलाई 2020 को शाम के समय लगभग 6 बजे घर से नमक खरीदने के लिये दुकान जा रही थी तभी उनके पड़ोसी लालू सिंह ने उनकी बेटी को कहा कि तुमको तुम्हारी भाभी ने खेत बुलाई है। पीड़िता नाबालिग बेटी जब खेत की तरफ जा रही थी तभी बीच रास्ते में ही लालू सिंह और मनोज सिंह पीड़िता नाबालिग बेटी के पास आए और उसे पकड़ कर जंगल की तरफ लेकर गए, जहां जंगल में पीड़िता बच्ची के साथ दोनों ने जबरदस्ती दुष्कर्म किया।पैसे देकर खरीदा हूं, दुष्कर्म कर शादी करने का बनाता रहा दबाव
इसके बाद लालू सिंह और मनोज सिंह ने वहीं से पकड़कर मेन रोड की ओर ले गये जहां पहले से ही भगवान सिंह ग्राम पवनी अल्करहा टोला के निवासी पहले से ही आॅटो लेकर बैठा हुआ था। जहां पर पीड़िता को लालू सिंह और मनोज सिंह ने जबरन आॅटो में बैठा दिए और भगवान सिंह से रुपए लिए। आॅटो में पहले से बैठे भगवान सिंह ने आॅटो में बैठाकर पीड़िता को धमकी देते हुए रात्रि में ले जाने लगा। जहां पर रास्ते पर भगवान सिंह ने पीड़िता को बोला कि मैंने तुम्हें पैसा से खरीदा हूं, चुपचाप चले चल कहते हुए घर ले जाकर पीड़िता के साथ बलात्कार करता रहा और शादी करने का भी दबाव देता रहा।
दूसरे के मोबाईल से परिजनों को दी खबर तो साथ ले घर
इस दौरान पीड़िता ने बार बार भगवान सिंह से कहा कि मुझे घर भिजवा दो लेकिन वह वापस घर नहीं भेज रहा था। जहां पर पीड़िता ने बड़ी मुश्किल से दूसरे के मोबाइल मांग कर अपनी बहन के नंबर से संपर्क किया। जानकारी मिलने पर पीड़िता के परिजनों ने आकर ढूंढ कर अपने साथ वापस घर ले गए। इस बीच में पीड़िता के साथभगवान सिंह जब साथ में रखा तब तक लगभग 15 दिन पीड़िता के साथ बेरहमी के साथ दुष्कर्म करता रहा।
थाना करन पठार ने की असंवेदनशीलता की हद पार
पीड़िता के पिता दया सिंह ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि वह पुलिस थाना करन पठार में अपनी पत्नी के साथ रिपोर्ट लिखाने के लिये पहुंचा था लेकिन पुलिस थाना करन पठार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद सुनवाई नहीं होने पर परेशान होकर एसपी साहब व एसडीएम को शिकायत किया तो एसडीएम के कहने पर पुलिस द्वारा पीड़िता के पिता को बुलवाकर धमकी दिया गया। वहीं पीड़िता के परिजनों ने जैसा बताया था वैसी रिपोर्ट नहीं लिखी गई पुलिस द्वारा अपनी मर्जी से एफआई आर दर्ज कर लिया गया।
पुलिस ने कुछ नहीं किया परिजन ही ढूढ़कर ले आये बेटी
पीड़िता के परिजन परेशान होकर अपने नाते रिश्तेदारों की मदद से बच्ची को ढूंढते रहे। इस दौरान पीड़िता के परिवार द्वारा स्वयं ही रिश्तेदारों की मदद से बच्ची को बालाघाट के पवनी ग्राम के अल्करहा टोला से पीड़िता बेटी को लेकर आए। वहीं स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दिए थे। पीड़िता के मिलने के बाद परिजनों को पीड़िता ने अपनी आप बीती सुनाई वह बहुत ही दर्दनाक थी लेकिन परिजनों को पुलिस थाना करन पठार की कार्यप्रणाली पर विश्वास ना होने के कारण वे 18 अगस्त 2020 को एसडीओपी कार्यालय पुष्पराजगढ़ पहुंचकर शिकायत लेकर पहुंचे।
खरीदने वाला 15 दिन तक करता रहा शारीरिक शोषण
पीड़िता के पिता ने यह भी बताया कि उनकी बच्ची को खरीद कर ले जाने के बाद भगवान सिंह जबरन शादी करने को मजबूर कर रहा था एवं कई प्रकार से शारीरिक यातनाएं दे रहा था। इसके साथ ही भगवान सिंह द्वारा 15 दिन तक बच्ची के साथ शारीरिक दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता के परिजनों ने ऐसे दरिंदों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये ताकि फिर कोई ऐसा दूसरे की बच्ची के साथ ऐसा दुस्साहस ना कर सके।
एसडीओपी ने मामले की गंभीरता से लेकर कार्यवाही का दिया आश्वासन
पीड़िता के परिजनों के द्वारा शिकायत करने के बाद एसडीओपी पुष्पराजगढ़ श्री आशीष बराडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुये कार्यवाही करवाने के साथ ही आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने का आश्वासन परिजनों को दिया है।