सेंसेक्स में 630 अंकों की भारी गिरावट

मुंबई-महत्वपूर्ण भूमि अधिग्रहण व वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक पारित होने में देरी से व्यापक आधार पर चले बिकवाली के दौर के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 630 अंक टूटकर 27,000 अंक से नीचे आ गया। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 8,200 अंक से नीचे आ गया। वैश्विक बांड बाजार में कमजोरी से भी स्थानीय बाजार में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। रुपये में कमजोरी का भी बाजार पर असर पड़ा। दिन में कारोबार के दौरान रुपया 35 पैसे के नुकसान से 64.20 प्रति डॉलर पर चला गया था। कारोबारियों ने कहा कि जीएसटी समेत कुछ महत्वपूर्ण विधेयक राज्यसभा में अटके हुए हैं। इससे सरकार के आर्थिक सुधारों में और देरी की आशंका प्रबल हो गई है। अप्रैल माह के खुदरा मुद्रास्फीति व मार्च के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों से पहले भी बाजार में सतर्कता का माहौल था। पिछले दो सत्रों में अच्छा लाभ दर्ज करने वाला बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स नकारात्मक रुख के साथ खुला। बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 27,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 26,837.39 अंक तक आ गया। अंत में सेंसेक्स 629.82 अंक या 2.29 प्रतिशत के नुकसान से 26,877.48 अंक पर बंद हुआ। पिछले दो सत्रों में न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) के मुद्दे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से सेंसेक्स 908.19 अंक चढ़ा था। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 198.30 अंक या 2.38 प्रतिशत के नुकसान से 8,200 अंक से नीचे 8,126.95 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान यह 8,115.30 से 8,326.65 अंक के दायरे में रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 28 नुकसान में रहे। सिर्फ डॉ रेड्डीज लैब व हीरो मोटोकार्प के शेयरों में ही लाभ रहा। यूनान के ऋण संकट के चलते वैश्विक बांड बाजार में उतार-चढ़ाव तेज हो गया था और अमेरिका में दस वर्ष की परिपक्वता वाले ट्रेजरी-बिल (सरकारी बांड) पर यील्ड (प्रतिफल की दर) दिसंबर के शुरू के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी है।

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