महीखेडा गाँव के टोडाफली में हुआ कार्यक्रम हमारी सरकार हमारे अधिकार का आयोजन

रेडियो मधुबन 90.4 के माध्यम से रविवार दिंनाक 6/12/15 को आबुरोड़ तहसील की बहादुरपुरा पंचायत में स्थित गाव महीखेडा के टोडाफली में हमारी सरकार हमारे अधिकार का कार्यक्रम आयोजित हुआ ! इस कार्यक्रम में महीखेडा गाव की महादेव फली,स्कूल फली और एकल मगरी के ग्रामीणों ने अपनी भागीदारी निभाई ! टोडाफली गाव की महिलाओ ने राशन की दुकान पर कम मिल रहे राशन के सामान विषय पर अपनी और से नाटक प्रस्तुत किया ! उन्होंने नाटक के जरिये बताया की जब राशन का सामान कम मिले तब हमे एकझूट होकर आवाज़ उठानी चाहिए ! इसमें दिल्ली Ideosync Media Combine से नितेश जी और आबुरोड से वकील अवधेशजी ने आकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ! साथ ही रेडियो मधुबन से कृष्णाजी,गीताजी और विनोद कुमार इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे !
कार्यशाला का हुआ आयोजन
इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओ के साथ रेडियो की टीम ने एक कार्यशाला का आयोजन किया ! जिसमे महिलाओ को ७-७ के समूह में अलग करके ५ समूह बनाये गए ! इन समूहों को अलग अलग मुद्दों पर विचार विमर्श करके उस समस्या का समाधान निकालने के निर्दश दिए गए ! जिसमे पहले मुगलिबाई समूह का मुद्दा था पति अपनी पत्नी को मारता है,दूसरा गजरी बाई समूह का मुद्दा था अपने गाव में चल रहे शराब के ठेके को बंद करवाना,तीसरा सुमी बाई समूह का मुद्दा था मौताणा की मांग पर क्या किया जाये,चौथा सिरमी बाई का मुद्दा था स्कूल में बच्चों के लड़ाई जगड़े का समाधान और बच्चो का अच्छा भविष्य और पांचवा कंकू बाई का मुद्दा था आदिवासी समुदाय में मेले में अपने साथी को चुनने की परंपरा से होने वाले नुकसान को रोकना और उसका समाधान ! इन महिलाओ को दिये गये मुददो पर हर समुह ने अपना महत्वपूर्ण समाधान निकाला !
रेडियो मधुबन का कार्यक्रम हमारी सरकार हमारे अधिकार दिल्ली की एक संस्था, आइडियोसिंक मीडिया कंबाइन के फ्री/डेम पहल का हिस्सा है जिसके अंतर्गत पूरे देश के 60 से भी ज्यादा सामुदायिक रेडियो स्टेशन साथ मिल कर लोकतन्त्र, अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुददे पे काम कर रहे हैं| ये प्रयास संयुक्त राष्ट्र लोकतन्त्र फण्ड (UNDEF) के सहयोग से किया जा रहा है|
रेडियो मधुबन पिछले चार महीने से आदिवासी समुदाय के लिए सविधान में मिले उनके अधिकारों की जानकारी रेडियो पर और गाव में नेरोकास्टिंग के माध्यम से दे रहा है ! इस कार्यक्रम में ग्रामीण समुदाय को पेसा कानून से अवगत कराया जा रहा है !
पेसा कानून – पेसा कानून आदिवासी समुदाय के लिए बना हुआ वो कानून है जिसमे उन्हें अपने गाव के नियम कानून कायदे बनाने का अधिकार मिलता है ! पेसा का अर्थ है हमारे गाव में हमारा राज ! ये भारत में २४ दिसम्बर १९९६ और राजस्थान में २६ जून १९९९ से लागु है ! ये कानून अपने आप में सर्वशक्ति संपन्न है ! इस कानून में गाव में एक ग्रामसभा बनाने का प्रावधान है,और वह ग्रामसभा गाव के विकास के लिए कार्य करेगी और निर्णय लेगी !
पेसा कानून की धरातल स्थिति
पेसा कानून राजस्थान में बने हुए काफी समय गुजर गया ! लेकिन इसे सही तरह से लागु करवाने की कोशिश नहीं हुई जिसकी वजह से आदिवासी समुदाय ने ना तो इसे जाना और ना ही इसका उपयोग किया !
रेडियो मधुबन की एक नई पहल
रेडियो मधुबन ने इस कानून से जुड़े हरेक मुद्दो पर अपने समुदाय के साथ मिलकर इससे सम्बन्धित कार्यक्रम बनाये और उन्हें रेडियो के माध्यम से लोगो तक पहोचाया ! जिसमे शिक्षा,शांति समिति,कर्ज,शराब,भूमि हस्नातांतरण,गौण वन उपज,गौण खनिज,राशन की दुकान,भवन निर्माण उपयोगिता प्रमाण पत्र,ग्रामसभा का आयोजन और ग्रामसभा में लोगो की भागीदारी जेसे विषयो को शामिल किया गया !
रेडियो मधुबन को मिली सफलता
रेडियो मधुबन टीम की मेहनत रंग लाइ ! इस कार्यक्रम से आदिवासी समुदाय ने अपने अधिकारों को जानकार उसका उपयोग करने का विचार किया ! और साथ ही कई स्थानों पर ग्रामीण समुदाय ने अपने समुदाय में आकर पेसा कानून की जानकरी देने की मांग भी रखी ! जब लोग स्वम इस कानून की जानकारी चाहने लगे तो रेडियो मधुबन भी पीछे नहीं हटा ! रेडियो मधुबन ने सिरोही के आबुरोड तहसील की पांच पंचायत और उदयपुर की कोटड़ा तहसील की चार पंचायत में जाकर पेसा कानून की जानकारी दी !