भारत की सीक्रेट सबमरीन टेक्नोलॉजी के लीक डाटा की CD 3 साल पहले ही एक मेल बॉक्स में मिली थी

 

सिडनी.इंडियन नेवी की स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन की सीक्रेट टेक्नोलॉजी से जुड़े 22,400 पेज के लीक हुए डाटा के मामले में नया खुलासा हुआ है। सिडनी के न्यूजपेपर 'द ऑस्ट्रेलियन' ने शनिवार को दावा किया कि एक डिफेंस एक्सपर्ट के मेल बॉक्स में तीन साल पहले ही एक अनजान शख्स इस डाटा की सीडी डाल गया था। तब से यह शख्स इस जानकारी को छिपाए रखे था। अब इसने खुद को व्हिसल ब्लोअर बताया है। वह सोमवार को यह सीडी ऑस्ट्रेलिया सरकार को सौंपेगा। रिपोर्ट में और क्या है...
- द ऑस्ट्रेलियन ने शनिवार को बताया- "अप्रैल 2013 में इस व्हिसल ब्लोअर ने यह सीडी मेल बॉक्स में डाली थी।"
- "इस सीडी में मझगांव डॉक लिमिटेड में फ्रांस के कॉन्ट्रैक्टर DCNS के सहयोग से 23,400 करोड़ रुपए (3.5 बिलियन डॉलर) के भारत के सबमरीन प्रोजेक्ट के बारे में इन्फॉर्मेशन थी।"
- DCNS ने रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के लिए भी 10 सबमरीन डेवपल करने का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इसलिये इस खुलासे ने भारत और फ्रांस के साथ ऑस्ट्रेलिया सरकार की भी नींद उड़ा दी है।
- हालांकि, तीनों देशों की चिंताएं अलग-अलग हैं। लेकिन भारत इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
- द ऑस्ट्रेलियन ने अपनी रिपोर्ट में इस बारे में नहीं बताया कि यह शख्स तीन साल तक क्यों इस डाटा को छिपाए रखा?
इंडियन नेवी ने क्या कदम उठाए ?
- उधर, इंडियन नेवी ने इस मामले को फ्रांसीसी सरकार के सामने उठाते हुए इस घटना पर चिंता जताई। साथ ही जांच को जल्द पूरी कर रिपोर्ट को भारत के साथ साझा करने की अपील की है। वहीं, इंटरनल जांच के भी आदेश दिए हैं। बता दें कि इस मामले में फ्रांस सरकार ने जांच शुरू कर दी है।
- इसके अलावा भारत की विदेशी सरकारों के साथ भी बात हो रही है। सरकार अभी यह भी नहीं पता लगा पाई कि आखिर कौन-कौन सी जानकारी लीक हुई है। डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को दावा किया कि सबमरीन के वेपन सिस्टम का लीक दस्तावेजों में जिक्र नहीं है।
भारत के लिए क्यों बड़ा झटका है?
- स्कॉर्पीन दुनिया की सबसे ज्यादा सेंसेटिव, प्रोटेक्टेड और ताकतवर सबमरीन टेक्नोलॉजी है। भारत की कलवरी सबमरीन इसी टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है। ऐसी 6 सबमरीन 20 साल में इंडियन नेवी में शामिल होंगी।
- द ऑस्ट्रेलियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ये डेटा लीक होना भारत के डिफेंस इंटेलिजेंस को लगा बड़ा झटका है। इसकी वजह यह है कि भारत के सीधे तौर पर खिलाफ माने जाने वाले पाकिस्तान और चीन से अब स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन्स की खूबियां छिपी नहीं रहेंगी।
- लीक हुआ डाटा बताता है कि सबमरीन के क्रू मेंबर्स खुलकर आपस में बात कर सकते हैं। उनकी बातचीत को दुश्मन किसी भी तरह से ट्रेस नहीं कर सकते।
कैसे लीक हुए सीक्रेट डॉक्युमेंट्स?
- द ऑस्ट्रेलियन ने पहले रिपोर्ट दी थी कि एक सबक्रॉन्ट्रैक्टर के जरिए यह साउथ ईस्ट एशियाई कंपनियों तक पहुंचा और ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी के हाथ लगा।
- इंडियन नेवी का कहना है कि डेटा भारत से लीक नहीं हुआ है। वहीं, DCNS का मानना है कि सबमरीन से जुड़े डॉक्युमेंट्स भारत से ही लीक हुए हैं।
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