पी पेसा कानून के क्रियान्वयन पर आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की बैठक

RANCHI (5 March): पी पेसा कानून के क्रियान्वयन को लेकर रविवार को होटल अशोका में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय कानून पी पेसा क्99म् की धारा ब्(0)और ब् (एम) क्रियान्यवन पर चर्चा हुई। मंच के अध्यक्ष पीसी मुर्मू ने कहा कि पी पेसा कानून के लागू नहीं होने से राज्य में नक्सलवाद की समस्या समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था अनुसूची क्षेत्रों में लागू नहीं हो सकती है, परंतु कानून को तोड़कर इसे लागू किया गया है। देश में कुछ विशेष क्षेत्र है, जिसे संविधान में अनुसूचित क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया हैं, जहां की पहचान का मतलब सिर्फ आर्थिक विकास नहीं है, बल्कि सामाजिक- सांस्कृतिक विकास भी है.
नहीं मिला ग्रामसभा को अधिकार
विक्टर माल्टो ने कहा कि राज्य सरकार पी पेसा कानून को नहीं मान रही है। इस कानून में ग्राम सभा का गठन कर उसके तहत गांव के विकास का काम करना है लेकिन राज्य सरकार इस कानून का उल्लंघन कर बीडीओ के माध्यम से यह काम करा रही है।
9 मार्च को आएगा फैसला
पी- पेसा कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर मामले का फैसला 9 मार्च को होने वाला है। रांची नगर निगम की वैधता पर झारखंड हाईकोर्ट में दायर मामले पर फैसला भी उसी दिन आने वाला है। बैठक में ओडि़सा से आए विधायक जॉ तिर्की, बहन स्वाति पन्ना, पूर्वv विधायक मसीह सोरेन, पड़हा राजा पतरस गुडिया, सुशील उरांव, कौशल मुंडा, मिनाक्षी मुंडा, श्रीपाल सिंह आदि तमाम लोग मौजूद थे।